Affiliated to Lucknow University
युवराज दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय भारत नेपाल की सीमावर्ती तराई क्षेत्र में प्राचीनतम संस्थान है। ओयल एवं कैमहरा राज्य के राजा श्रीमान् युवराज दत्त सिंह जी ने इस महाविद्यालय की स्थापना (1949) इस उद्देश्य से की थी कि इस विशाल क्षेत्र को उच्च शिक्षा सुलभ करायी जा सके। अपने उद्देश्य को लेकर महाविद्यालय निरंतर प्रगति-पथ पर अग्रसर है। इस महाविद्यालय के मानविकी, विज्ञान, वाणिज्य और व्यावसायिक पाठ्यक्रम के विभागों से शिक्षा ग्रहण कर अनेक छात्र/छात्राओं ने देश-विदेश में अग्रसर अध्ययन और रोजगार की दिशा में सफलता प्राप्त की है। आज भी महाविद्यालय एवं हमारे विद्वान संकाय सदस्यों के सहयोग से हम अपने संस्थान की पूरी सामथ्र्य के साथ इस जनपद ही नही बल्कि पूरे परिक्षेत्र को उच्च शिक्षा का सुन्दरतम अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिपल तैयार हैं, हमें इस बात की निरंतर उत्सुकता रहती है कि उच्च शिक्षा का लाभ लेने के लिए लोग उत्साहित होकर युवराज दत्त महाविद्यालय के पट पर प्रतिवर्ष कितना अधिक से अधिक दस्तक देते हैं। युवराज दत्त महाविद्यालय का शारीरिक शिक्षा विभाग भी सम्पन्न है। प्रतिवर्ष अन्तर्विश्वविद्यालयीय खेल प्रतियोगिताओं के लिए भी छत्रपति शाहू जी महराज विश्वविद्यालय, कानपुर की टीम हेतु इस महाविद्यालय से खिलाड़ी छात्र/छात्रायें चयनित होते हैं। यूपी 26 बटालियन के अधीन महाविद्यालय में एन0सी0सी0 कार्यक्रम भी संचालित है।
इस महाविद्यालय केन्द्र के एन0सी0सी0 केडेट्स ‘बी’ और ‘सी’ प्रमाण पत्र प्राप्त करने के साथ-साथ कुछ कैडेट्स दिल्ली में होने वाले गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने के लिए भी चयनित किये जा चुके है। स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम के अन्तर्गत एम0एस-सी (वनस्पति विज्ञान) संचालित है, इसी क्रम में आगे अन्य विभाग भी संचालित करने की योजना है। युवराज दत्त महाविद्यालय अपनी पूरी शैक्षणिक और शिक्षणेत्तर गतिविधियों की शक्ति से इस जनपद और पूरे परिक्षेत्र को समृद्ध करने के लिए आतुर है। यह संस्थान अपना सुन्दरतम देने के लिए प्रतिपल तैयार है और इस बात से उत्साहित है कि पात्रजन भी पाने के लिए अधिक से अधिक तैयार होते दिखायी दे रहे हैं। स्वागतम्।
Prof. (Dr) Hemant Pal Principal